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Friday, March 30, 2012

हमको किसके ग़म ने मारा, ये कहानी फिर सही

हमके किसके ग़म ने मारा

January 23, 2008
Lyrics:
Singer: Ghulam Ali
दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया
जब चली सर्द हवा मैंने तुझे याद किया
इसका रोना नहीं क्यों तुमने किया दिल बरबाद
इसका ग़म है कि बहुत देर में बरबाद किया

हमको किसके ग़म ने मारा, ये कहानी फिर सही
किसने तोड़ा दिल हमारा, ये कहानी फिर सही।
दिल के लुटने का सबब पूछो न सबके सामने
नाम आएगा तुम्हारा, ये कहानी फिर सही।
नफ़रतों के तीर खाकर दोस्तों के शहर में
हमने किस-किस को पुकारा, ये कहानी फिर सही।
क्या बताएँ प्यार की बाज़ी वफ़ा की राह में
कौन जीता कौन हारा, ये कहानी फिर सही।

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