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Thursday, November 8, 2012

पेट्रोल कंपनियो के घाटे का सच .....!! नुकषाण करने वाली कंपनिया --- अपने शेर होल्डर्स को दे रही है डिविडंड !! Φ

पेट्रोल कंपनियो के घाटे का सच .....!! नुकषाण करने वाली कंपनिया --- अपने शेर होल्डर्स को दे रही है डिविडंड !! Φ

घाटा होने पर भी दिया डिविडंड ??? ---!!

जनता को समजाओ - अपनी अकल लगाओ --- दिन मे तारे दिखानेवाली कॉंग्रेस के वादो पे मत जाओ ![जुगल Éगुरु]

Hindustan Petroleum CorporationDividend - Dividend history of the Hindustan Petroleum Corporation

Definition of 'Dividend Policy'

The policy a company uses to decide how much it will pay out to shareholders in dividends. 

You can view Announcement Date, Effective Date, Dividend Type (Interim, Final and Special), and Percentage of Dividend given information for Hindustan Petroleum Corporation Ltd.

Dividends Declared
Announcement DateEffective DateDividend TypeDividend (%)Remarks
29/05/201230/08/2012Final85%Rs.8.50 per share(85%)Dividend
26/05/201108/09/2011Final140% 
26/05/201003/09/2010Final120% 
02/06/200913/08/2009Final52.5% 
29/05/200802/09/2008Final30%AGM
29/05/200717/08/2007Final120% 
12/12/200627/12/2006Interim60% 
25/05/200618/08/2006Final30%AGM
26/05/200502/09/2005Final100%AGM
29/11/200414/12/2004Interim50% 
01/06/200423/08/2004Final160%AGM
11/12/200329/12/2003Interim60% 
27/06/200305/09/2003Final180%AGM
03/01/200303/02/2003Interim20% 
30/05/200202/08/2002Final100%AGM
25/05/2001 Final100%AGM
10/07/2000 Final30% 
04/04/2000 Interim80% 
11/06/1999 Final110% 
23/06/1998 Final0% 
23/06/1997 Final40%

Indian Oil CorporationDividend - Dividend history of the Indian Oil Corporation

You can view Announcement Date, Effective Date, Dividend Type (Interim, Final and Special), and Percentage of Dividend given information for Indian Oil Corporation Ltd.
Dividends Declared
Announcement DateEffective DateDividend TypeDividend (%)Remarks
28/05/201205/09/2012Final50%Rs.5.00 per share(50%)Dividend
30/05/201115/09/2011Final95% 
28/05/201008/09/2010Final130% 
29/05/200902/09/2009Final75% 
28/05/200809/09/2008Final55%AGM
28/05/200710/09/2007Final130% 
07/12/200626/12/2006Interim60% 
26/05/200607/09/2006Final125%AGM
30/05/200508/09/2005Final100%AGM
07/12/200429/12/2004Interim45% 
08/06/200423/08/2004Final160%AGM
11/12/200301/01/2004Interim50% 
23/06/200318/09/2003Final160%AGM
02/01/200303/02/2003Interim50% 
18/06/200212/09/2002Final110%AGM
15/06/2001 Final95%AGM
05/08/2000 FinalN.A.%Nil Final Dividend
15/05/2000 Interim40%2nd Interim Dividend
31/01/2000 Interim35% 
02/06/1999 Final130%AGM & Dividend

Friday, November 2, 2012

नरेंद्रभाई आज जीस स्थान पर खडे हैं उन के पिछे वो पतिपत्नि का त्याग बहुत बडी भुमिका निभा चुका है ।

हम सब का भरोषा और विश्वास सच साबित हुआ - और मेरी बात का समर्थन सबूतो के साथ मीला - ▐ साभार: श्री भरोडिया(नरेंद्र भाई के बचपन के मित्र) !
नरेंद्रभाई आज जीस स्थान पर खडे हैं उन के पिछे वो पतिपत्नि का त्याग बहुत बडी भुमिका निभा चुका है । उन के निजी जीवन में हमारा कोइ अधिकार नही बनता दखल देने का । मिडिया में ये बात को गलत अंदाज में उछाला गया तो ये लिखना पडा ।
! ▐ जानिए मोदी जी की अनदेखि अन सुनी कहानी बचपन से आज तक की !!! - जुगल ईगुरु !

  • मेरा २४ घंटा सिर्फ देश के लिये ही है । ५ मिनिट भी मै किसी सगे को नही दे सकता । - Narendra Modi

  • उन्होंने मुझे देखा है की नही मालुम नही । अपने भाई को भी घुसने नही देते तो मै क्यों जाउ ।?? - Cousin of Narendra Modi
  • अपने घर संसार की बली, भाभी जी के अरमानों की बली, अपने ही संबंधियो से बेरुखी । ये सब नरेंद्र मोदीने किया है । उनका केरेक्टर ढिला है या मजबूत तय जनता करगी, कोंग्रेस या दिग्गी राजा नही ।
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ये बच्चा मुश्किल से १५-१६ सालका रहा होगा तब भारत-पाक की लडाई छीड गई । प्रधानमंत्री लाल बाहादुर शास्त्रीने मोरचा संभाला । देश का हौसला बढाने के लिए नारा दिया  ” जय जवान, जय किसान ” ईस नारे पर देश भर के सेवाभावी लोग, सेवाभावी संस्थाएं, खडे हो गये । आर.एस.एस भी उनमें से एक संस्था थी । लडाई के समय गुजरात के हर रोड पर, हर स्टेशन पर युवा लडके तैनात हो गये थे जरूरी साधन सामग्री ले कर । अगर सैनिकों का जथ्था, उन की गाडियां गुजरती है तो उन्हें जो मदद चाहिए मिल सके ।  ये बच्चा भी उन युवाओं के साथ स्टेशन के प्लेटफोर्म पर भागता फिरता था ।
 वो जमाना आज के मुकाबले अलग था । उस जमाने में माबाप के आगे बच्चों का कुछ नही चलता था । अगर बच्चा विद्रोह भी करता तो माबाप तो बाजुमें रहते सारे गांव के चाचे ताउ कान खिंचने लग जाते । बच्चे सब की ईज्जत करते थे तो मजबूर हो जाते थे, बडों की बात मानने के लिए । इसी आधार पर मा बापने जशोदाभाभी से उनका ब्याह करवा दिया,१९६८ में । लेकिन देश सेवा की ईतनी लगन लगी थी की ईसने जशोदाभाभी का स्विकार (गौना नही करवाया , असली शादी गौना होता था, इससे पहले लडके लडकी एक दुसरे का मुह भी नही देखते ) नही किया, चल पडे घर छोड कर । पिता भारत और मां भारती की सेवा के लिए अपने खूद के माबाप की भावना को ठेस पहुंचाया । ये किशोरावस्था थी, जहां आदमी दोराहे पे खडा होता है । उसने बडी राह, देशसेवा की राह पकडली ।
दौरान पोलिटिकल सायन्स की डिग्री हासिल कर ली । आर.एस.एस के प्रचारक भी बन गया । आज भारत के कितने नेता के पास पोलिटिकल सायन्स की सामान्य डिग्री भी है ?
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जब ईस बच्चे का नरेन्द्रभाई मोदी के नाम से जनता को परिचय हुआ तो एक गुजराती मेगेजीन (१९८४) में जशोदाभाभी का ईन्टर्व्यु छपा था । उसमें तस्विर थी, भाभी अपने पिताजी की किराने की दुकानमें हाथमें तराजु लिए बैठी थी, काफी खूश दिखती थी । बताती थी वो मुझे बुलायेंगे तब जाउंगी तबतक पिता की दुकानमें मदद करुंगी, मेरा भाई अशोक अभी छोटा है । लेकिन अब पता चला है भाभीने टिचरकी नौकरी कर ली थी, अब रिटायर्ड भी हो गई है और १०००० का पेन्शन भी मिलता है । एक सच्ची भारतिय नारी की तरह पति के बुलावे का ईन्तजार करती रही, पति के खिलाफ खभी नही बोली । मोदी के कारण ही उस के आसपास के लोग, अपनी स्कूल, पूरा रसोसणा गांव उस का मान सम्मान करता रहा हैं । लोगोने हर तरह की मदद की है, तकलिफ नही पडने दी है ।
२००७ में नरेन्द्रभाई के साले साबह अशोकभाईने कोशीश की दीदी और जीजा को मिलाने की लेकिन सफलता नही मिली । मोदी का कहना है के मेरा २४ घंटा सिर्फ देश के लिये ही है । ५ मिनिट भी मै किसी सगे को नही दे सकता । बात भी सही है । अपनी मां के अलावा उसे कोइ सगा मिल नही सकता, अपने सगे भाई भी नही । उन के सगे चचेरे भाई को मैंने कहा था तू अब नरेंद्रभाई के पास चला जा कहीं अच्छी जगह सेट कर देंगे मैं ईस मंदी मे कितना पगार दे देता हुं । उसने मुझे बताया छोडो सब । वो चले गए उस के बाद मेरा जनम हुआ है । मैंने भी उन्हें एक ही बार देखा है । उन्होंने मुझे देखा है की नही मालुम नही । अपने भाई को भी घुसने नही देते तो मै क्यों जाउ ।
उस की बात सही थी । मोदी गांव छोडकर गये तो किसी को पता नही था वो कहां है । कहा जाता है वो सिर्फ दो बार गांव आये हैं । एक बार पिता के अवसान के समय और दुसरी बार स्कूल की निव रखने के कार्यक्रम के लिए । उस समय भीड में उनकी छोटी बेहन भी उन्हें देखने आई थी, पास जानेकी हिम्मत नही कर पाई थी । मोदीने देख लिया या किसीने ध्यान दिलाया तो वो खूद उसके पास गये और हालचाल पूछ लिया ।
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जब मोदी पहलीबार मुख्यमंत्री बने तो उनका ही बचपन का दोस्त उन पर उबल पडा था । ” ये घांची अब तक लुक्खे की तरह भटकता था तो घर नही चला सकता था, अब नेता हो गया है, अब क्या कमी है, अब बहु को बुला लेना चाहिए ” । ये एक आम आदमी की आवाज थी । आम आदमी सोचता है की नेता बनते ही पैसे का पेड लग जाता है । बस अब उसे खा-पिकर राज करना है । आम नेता के लिए ये सही बात होगी मोदी के लिए नही ।
उन के तलाक के लिए भी सवाल उठे हैं । तलाक ईस लिए लिया जाता है की आदमी दूसरी शादी कर के जीवन में सेट हो सके । ईन की उमर थी तलाक ले के दूसरी शादी की तब शादी और तलाक का सारा मामला सामाजिक तरिके से होता था । तलाक में कभी कानून का दखल नही होता था । दोनों पक्ष के १०-१२ आदमी मिलकर तलाक दे देते थे । ये जिम्मेदारी माबाप की होती थी, तलाक लेनेवालों की नही । लेकिन समाज वकिल का बाप होता है राह देखता है बच्चों का मन बदलने का । उसे समजाने में टाईम पास कर देता है ।
लेकिन इस दौरान ये पतिपत्नी समाज से आगे बढ गए । भाभीने ठान लिया की मैं तलाक नही लुंगी । मरते दमतक नरेन्द्र ही मेरा पति रहेगा । और नरेन्द्रभाई भी मजबूर है । देश सेवा का ईतना बडा भार उठा लिया है की २४ घंटे में से ५ मिनट भी वो भाभी या अन्य सगे को नही दे सकते । भाभी भी ये समज चुकी है । देश के लिये आदमी मर जाता है तो ये तो सिर्फ पति का वियोग ही है ।
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अपने घर संसार की बली, भाभी जी के अरमानों की बली, अपने ही संबंधियो से बेरुखी । ये सब नरेंद्र मोदीने किया है । उनका केरेक्टर ढिला है या मजबूत तय जनता करगी, कोंग्रेस या दिग्गी राजा नही ।
नरेंद्रभाई आज जीस स्थान पर खडे हैं उन के पिछे वो पतिपत्नि का त्याग बहुत बडी भुमिका निभा चुका है । उन के निजी जीवन में हमारा कोइ अधिकार नही बनता दखल देने का ।  मिडिया में ये बात को गलत अंदाज में उछाला गया तो ये लिखना पडा ।

मेरी पोस्ट ये थी - जिसके जवाब मे मेरी बात और विषवास को समर्थन और ज्यादा सबूत मीले ! मे : श्री भरोडिया(नरेंद्र भाई के बचपन के मित्र) का दिल से धन्यवाद करता हूँ !
▐ क्यू है खामोश मोदी जी - यशोदाबेंन वाले आरोप पर ? ▐ Φ यशोदाबेन ने कहा था,‘मोदी मेरे पति और मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगी। मुझे खुशी है हम दोनों समाज सेवा कर रहे हैं।’ [Φ वो नेशनल लीडर हैं, बहुत सुंदर और पढ़-लिखे हैं, मैं तो उनके सामने कुछ भी नहीं।....]
▐ अगर ये बात सच है तो शर्म आनी चाहिए उन गंदे खून वालi - चरित्रहीनता जिनके डीएनए मे है और नहेरु के वंश से है ......! ऐसी देवी जैसी स्त्री का नाम सारे बाजार उछाल के अपने संस्कार और पैदाइश मे पूरे गाँव की सहकारी महनत योजना दर्शाती है ! ▐
मोदी और यशोदाबेन की शादी बचपन में हुई थी, लेकिन उनका ‘गौना’नहीं हुआ। उस जमाने में बाल विवाह की प्रथा थी और मोदी की भी इसी प्रथा के तहत शादी कर दी गई थी। इसके बाद उनका झुकाव संघ की ओर हो गया और उन्होंने अविवाहित रहने का फैसला किया। यशोदाबेन ने भी मोदी के फैसले का सम्मान किया, लेकिल उन्होंने भी शादी नहीं की।
यशोदाबेन स्कूल टीचर थीं और वो भी समाजसेवा में जुटी हैं। हाँ उनका और गाँव का इंटरव्यू मैंने भी देखा है ! यशोदाबेन के करीबी कहते हैं कि वो इस बात से खुश हैं कि मोदी और वो दोनों समाज की सेवा कर रहे हैं। इंटरनेट पर यशोदाबेन और उनके नाते रिश्तेदारों के बयान वाले कुछ वीडियो भी हैं, जिनमें यशोदाबेन के मोदी की पत्नी होने की बात कही गई है।
2009 में एक मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में यशोदाबेन नाम की महिला से बातचीत की थी और ये दावा किया था वो मोदी की पत्नी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यशोदाबेन गुजरात के राजोसाना गांव में रहती हैं और जिस समय ये रिपोर्ट आई थी तब वो उसी गांव के स्कूल में पढ़ाती थीं। मैगजीन के मुताबिक यशोदाबेन ने कहा, ‘हां मोदी से मेरी शादी हुई थी, लेकिन हम अलग रहते हैं। वो नेशनल लीडर हैं, बहुत सुंदर और पढ़-लिखे हैं, मैं तो उनके सामने कुछ भी नहीं। ’मैगजीन ने यशोदाबेन के हवाले से लिखा था कि मोदी और उनकी शादी वाडनगर गांव में हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद वो पढ़ाई पूरी करने के लिए अपने घर वापस लौट आईं और फिर कभी वापस नहीं गईं।
▐ रिपोर्ट में राजोसाना गांव के लोगों के भी बयान दिए गए थे। उस गांव के सभी लोग यशोदाबेन को मोदी की पत्नी के तौर पर ही जानते हैं। वो कहते हैं कि यशोदाबेन अहमदाबाद कभी कभी जाती हैं, लेकिन मोदी ने उन्हें कभी बुलाया नहीं। वो मुस्लिमों के बच्चों को पढ़ाती हैं और उनकी सेवा करती हैं। इस मैगजीन से बातचीत में यशोदाबेन ने कहा था,‘मोदी मेरे पति और मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगी। मुझे खुशी है हम दोनों समाज सेवा कर रहे हैं।’
▐ Φ अगर ये बात सच है तो शर्म आनी चाहिए उन गंदे खून वालi - चरित्रहीनता जिनके डीएनए मे है और नहेरु के वंश से है ......! ऐसी देवी जैसी स्त्री का नाम सारे बाजार उछाल के अपने संस्कार और पैदाइश मे पूरे गाँव की सहाकरी योजना दर्शाती है ! एक तरफ तीन तीन बार शादी करनेवाला वो थरूर ..... और अपने 19 साल के बेटे को और 2 -2 पति को गरीब होने पर छोड देनेवाली सुनंदा, [ नयी सूचना और सबूतो के आधार पर उसके दूसरे पति को आत्म हत्या करनी पड़ी थी- क्यूँ की दुबई मे उसके द्वारा खर्च किए गए करोड़ो का बोज उसके दूसरे पति मैनन पर ला दिया था , इस लिए मेनन का कंस्ट्रक्षण बिजनेस बर्बाद हुआ और जैसा की मीने पहले कहा था की आर्थिक बदहाली की वजह से मेनन को दुबई से भारत वापिस आना पड़ा था , लेकिन उसके बाद भी उसने सुनन्दा को बहुत ही रिक्वेस्ट की थी लेकिन थरूर के साथ लगी हुई वो दुबई छोड कर नहीं आई , और उसके दूसरे पति मेनन ने आत्महत्या कर ली जिसको सुनन्दा और उसके फौजी पिता अकस्मात मौत बता रहे थे !]
Φ अपने जिस्म को सीढी बनाकर तीसरी शादी के लिए थरूर तक पहुंची ! और आगे की कोई गेरंटी नहीं है ! भारतीय संस्कृति पर कलंक जैसा ये ये सुनंदा - शशि का युगल और
▐ भारतीयता और हिन्दू संस्कृति को अपनी नस नस मे खून की तरह दौड़ रहा है ऐसा नरेंद्र मोदी और यशोदा बहन का युगल ! ▐ जिनहोने अपनी बचपन की शादी को ना निभाते हुए भी एक भारतीय नारी और एक संसार त्यागी पुरुष बनकर निभा रहे है ! और मोदी जी की देश सेवा के यज्ञ मे अपनी ख्वाहिशों का हवन करने वाली और , दूसरी शादी ना कर के भी पवित्रता से पतिव्रत निभानेवाली उस यशोदा बहन --- यशोदा माँ जैसी है ! उनको मे साष्टांग प्रणाम मोदी जी से भी पहले करूंगा ! ▐
▐ क्यूँ की पुरुष और प्रदेश दोनों के उत्थान और पतन के केंद्र मे नारी होती है ! आज अगर उनको कोई भी शिकायत होती ......... तो मोदी जी की नकली सेक्स सीडी बनाने के लिए साउथ की अभिनेत्री ओ को और तहलका को हाई टेक फर्जी वीडियो बनवाने का कोंटरेक्ट देने वाली ये कॉंग्रेस इस मुद्दे को छोड़ती क्या ? ▐ चलो वो तो छोड भी दे क्यूँ की उनके खुद के ही हर गली हर नुक्कड़ पर नारी शोषण के कांड होते रहते है , ▐ लेकिन मीडिया .... मोदी जी को छिंक भी आए तो देश भर मे सनसनी की तरह पेश करने वाली मीडिया ..... जो कॉंग्रेस के फेंके टुकड़ो पर पलनेवाली,▬ और हर दुखद कांड या घटना मे देश वासियो की लाशों की बोटियों को आपस मे बाँट कर अपनी रोटी का निवाला बनाने वाली,▬ ये मीडिया क्या इस मुद्दे को छोड़ती क्या !
▐ मोदी के नाम के 2 अक्षर जिनकी टीआरपी और अखबार मेगेजीन की बिक्री कई गुना कर देती है तो ये मुद्दा तो उनके लिए बहुत बड़ा चांस था ! और ये बात सच इस लिए मानने योग्य है क्यूँ की यशोदा बहन ने जब खुद ही कहा की वह खुश है और उनको मोदी जी से कोई शिकायत बाजू पर रही ऊपर से गर्व है ....तो जमीन ही ताकनी पड़ी होगी शर्म से उन बेशर्मो को !
▐ तो ऐसी बात हमे क्यूँ बताए ! ? क्यूँ की इसको रहस्य ही रहने दे कर अपने न्यूझ के हेडलाइन के टाइटल बनाने का मौका भी चला जाता जो आज उनको मीला है !
▐ अगर आप ऐसे हालत मे हो तो आप अपने पारिवारिक जीवन के बारे मे क्या सार्वजनिक करेंगे? अगर खुद को शादी शुदा बताए - तो उन्होने एक भी दिन क्या सांसरिक जीवन का बिताया है ? और उन्होने खुद कभी बाल ब्रह्मचारी नहीं कहा और इस बात पे मौन है ....क्यूँ की वे भी मन ही मन यशोदा बहन के निस्वार्थ त्याग के रूण के नीचे है ...... और सिर्फ वे हि क्यूँ पूरा गुजरात उनका ऋणी है , और कल पूरा देश होगा ...जिसने इक योगी पुरुष का रास्ता न भटका कर खुद को भी उनही की तरह अलग राह पर जन सेवा मे समर्पित कर दिया !▐
▬ आप मूजे चाहे चमचा कह लो मोदी जी का , चाहे नाजायज औलाद {जो मूज जैसे अकेले अनाथ के लिए गर्व की बात होती }, पर अंध भक्त बिलकुल नहीं हूँ ! एक वक्त मे खुद कॉंग्रेस के करीब शक्ति सिंह गोहेल वर्ष 1996- 1999 भावनगर रह चुका हूँ - कॉलेज के दिनो मे मेरे बिन नेता पद के भी नेतृत्व को केश करवाते थे ..और रेलियों मे भीड़ जुटाते थे.... क्यूँ की लड़किया सिर्फ मूज पे भरोसा करती थी .....! एक को छोड़ कर सभी को बहन ही बान लिया था ...इस लिए !! . हनुमंत सिंह चूड़ासमा नाम क एक भावनगरी कोंग्रेसी और बदले मे मे सिर्फ विद्यार्थी हीतो के काम और भावनगर शहर की बापूगीरी मे , मेरे बीपीटीआई कॉलेज सर्कल की सहपाठी और लड़कियो को निर्भीकता का वचन ! ▐
▐ मे ही हूँ जो बीजेपी और कॉंग्रेस के निजी युद्ध के कारण अपना करीयर और डिग्री गंवाई - एक शानदार भविष्य गंवाया - जब बीजेपी की सरकार थी - केशु भाई सीएम थे - और भरत बारोट - टेकनिकल शिक्षा मंत्री - जिनकी केबिन के अंदर जा कर मैंने आसमान सर पे उठा लिया था , खुद को निर्दोष साबित करने के लिए ... तब मूजे जवाब मिला था की कभी कभी सूखे घास के साथ हरी घास भी जल जाती है ! और मूज जैसे एक के लिए उनके पास कोई वक्त नहीं है ! तब से ही मे धूर विरोधी था - बीजेपी और केशुभाई का ! और हर राजनीतिज्ञ का ....... लेकिन जीवन मे हादसो की कतार लिए हमेशा जलता ही रहा हूँ बदनसीबी की आग मे - जब मेरा प्रेम और पारिवारिक जीवन भी बर्बाद हो गया - क्यूँ की मूजे चुनना था - केनेडा मे ग्रीन कार्ड और जॉब - या फिर देश मे ही रहकर मेरे जेसो के साथ हुए अन्याय के लिए लड़ना ...... तो मैंने भी .... केनेडा छोड़ दिया था .....! और देश को चुना था !
▐ जब सब कुछ लूट गया तो मरने की धुन सवार हो गई , लेकिन जीवन व्यर्थ गया था इस लिए मौत किसी के काम आ जाये इस लिए --- मरते मरते भी किसी एक की जिंदगी बचाता जाऊन - न्याय दिलाता जाऊन - इस लिए एक एनजीओ मे जूड़ा --- NEST India - Fights Against Crime and Corruption ! और ऐसे ऐसे पंगे लिए फिर भी सिर्फ धमकिया और एक ही बार खूनी हमला ---- उसमे भी मूजसे ज्यादा हमला करने वाला घायल हुआ बेचारे को अस्पताल भी मेरी टिम ले कर गई थी ....! कोई मार डाले इस इंतजार मे बहुत वक्त ना गंवा कर अपने कोम्प्यूटर पे ही ध्यान केन्द्रीत रखकर मुफ्त मे शिक्षा देना शुरू किया जिस कोर्स के 50,000 से 1 लाख तक फीस थे उसको मुफ्त मे करवाया पहले अपने गाँव मे और फिर बरोड़ा , अहमदाबाद और अब भरूच अंकलेश्वर - जहां जॉब मिली वहाँ फूल टाइम जॉब भी की पार्ट टाइम लोगो की मदद - [ जिसमे मेरा खुद का स्वार्थ था क्यूँ की मेरा अहम संतुस्ट होता था, की मे भी काम का हूँ , किसी को तो काम लगा ] करता रहा ! और एक दुर्घटना ने मौजे मेरे ही परीवार और समाज के कुछ लोगो के जूठे आरोपो और उनकी हलकी मानसिकता और नियत को सबूत के साथ पोल-खोल के लिए ही फेसबुक पे आया था !! फिर जिस तरह से फेसबुक मे देश प्रेम जग रहा था उस को देख कर अपना खुद का बदला लेना भूल गया और देश के लिए बदला लेने लगा !↨ क्यूँ की देश के असली इतिहास - किताबी और स्कूली नहीं - जानता था और बरबादी के मूल मे कौन है वो भी ! और बचपन से - आप कहेंगे मूजे किसने शिखाया तो वो है ---- नगेंद्र विजय और हर्षल पुष्कर्णा भारत का सबसे पहला एक मात्र सायन्स मेगेझिन - जो गुजराती और अब अङ्ग्रेज़ी मे प्रकाशित होता है और -सफारी - जिसने मेरे संस्कारो और देश भक्ति का माँ-बाप बनके सींचा है - जिसने मूजे हर विषय मे जानकार बनाया है ! उस ज्ञान के भंडार जैसे ... हर घर मे गीता रामायण के साथ ये मेगेजीन होना जरूरी है ! www.safari-india.com ▐ तो ये राम कहानी से आपका दिमाग खराब करना उद्देश्य नही था ...उद्देश्य वही की जब कोई खुद को और अपनी निजी जीवन को त्याग कर लोगो की और देश की सेवा मे समर्पित किया हो , ऐसे लोगो की भावनाओ का आदर करे ...क्यूँ की मे खुद उस श्रेणी मे आता हूँ ! और मोदी जी के मौन को समज शकता हूँ ! जिनके सीएम पद पर आने के बाद - बस चंद फेक्स - ईमेल और फोन कॉल से मैंने न्याय दिलाया है ---- जिनकी सीएमओ से मूजे पूर्ण सुरक्षा का वादा मीला था और निभाया भी था ..... जिसमे मूजे कहा गया था की अगर आप ने किसी के मांगने पर घूस दी तो आप पर भी कार्यवाही होगी ! और फ़ीर जा के माना मोदित्व मे व जयते !!
और सिस्टम और गवर्नमेंट के नंगेपन को एक के बाद एक कपड़े पहनते हुए देखा है ---! खुद को सर्वोपरि समाजने वाले --- अधिकारियों को पहली बार वे सरकार और जनता के नौकर है इस बात का एहसास होते हुए देखा है और एक एप्लीकेशन पे दौड़ते हुए देखा है ! एक अंकलेश्वर के एएसआई के नाम पर की गई मेरी फरियाद के दिन के तीसरे दिन के बाद ही विधान सभा चुनाव थे .....! मैंने सोचा था 1-2 महीने मे उसकी लग जाएगी ....! लेकिन तीसरे ही दीन उसको सस्पेंड होते हुए देखा है ----! जिस दिन से चुनाव शुरू हो रहे थे ....! उसी दिन आम आदमी की अर्जी का रिसपोन्स ????? आश्चर्य है ना !! आपसे पूछता हु...अपने कभी अपने या अपने आसपास हो रहे अन्याय- भ्राष्टाचार और गुनाह के सामने आवाज उठाई है ? है तो कहाँ तक ? सीएमओ फोन या लेटर से फेक्स से संपर्क किया है .... और अगर आप समजते है की आप को तब भी न्याय नहीं मीला .....तो आपका वो तथा कथित न्याय क्या किसी अन्य के लिए अन्यायपूर्ण था ? अगर आप खुद ही अपने आसपास की गण्डकी साफ नहीं करना चाहते तो उस गंदगी के सड़ने पर बीमार हो कर सरकार पे उंगली उठाने का आपको कोई हक नहीं ...! जय हिन्द - जय गुजरात ! मोदी सिर्फ एक ही बात ! █▌║││█║▌│║█║▌© Official Jugal Eguru™ page ✔ Help us for Grow . Like ✔ Tag ✔ Share ♥

Jantaa ke Chaante !! SUPERHIT !!

Φ सुबह के 4 बजे है फिर भी मेरी आंखो मे हसते हस्ते पानी आ गया है और पेट बल खा रहा है ! इस वेब न्यूझ के कमेन्ट मे जिस तरह मोदी विरोधी या कॉंग्रेस के पेड़ न्यूझ होते है उसकी धड़ा धड़ तीप्पणिया पता नहीं इनकी सोई आत्मा जगाती है की नहीं ! इतने बेशर्म कैसे कोई धंधा कर शकता है !!? और आज की फाइव स्टार कमेन्ट ....!! हँसना आए तो हँसना पर जिस तरह जनता की आवाज को सच दिखाने के लिए भिखारी की तरह प्रदर्शित किया है जरा गौर करना ! सच मे हम सभी इस बिकाऊ मीडिया और पेड़ न्यूझ के कारण इतने ही लाचार है !!

क्या मोदी वाकई अविवाहित हैं: दिग्विजय - Digvijay slams Modi, Questions his marital status - Navbharat Times

kalyan, kalyan का कहना है :
02/11/2012 at 11:52 AM
ओ चैनल वाले भैया… एक दो मासूम सवालों के जवाब दोगे क्या?

1) भाई साहब… भाई साहब!!! कल ही डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने "भोंदू" के बारे में खुलासे करते हुए एक प्रेस कांफ़्रेंस की थी, उसे तुमने दस मिनट भी नहीं दिखाया? क्या डॉ स्वामी तुम्हें चाय-नाश्ता नहीं करवाते हैं???

2) नरेन्द्र मोदी की थरूर पर की गई टिप्पणी को लेकर ताबड़तोड़ पैनल डिस्कशन, नारी सम्मान, महिला आयोग वगैरा के ढोल पीट लिए… यहाँ तक कि सुनंदा पुष्कर का इंटरव्यू भी हमारे माथे पर दे मारा… जब अभिषेक मनु सिंघवी ने देश की न्याय-व्यवस्था को ही अपने चेम्बर में सुला लिया था, तब आपके मुँह में दही क्यों जम गया था भैया? बताओ ना प्लीईईईईईईज़!!!

=================
ए चैनल वाले बाबू…!! ओ भाई…!! अरे अंकल…!! सुनो तो, पतली गली से कहाँ कलटी मार रहे हो…

क्या मोदी वाकई अविवाहित हैं: दिग्विजय - Digvijay slams Modi, Questions his marital status - Navbharat Times

Ashok Gaur, Bansi Paharpur का कहना है :
02/11/2012 at 03:32 PM
दिग्गी टू देश का नेता है/ क्यो किसी के पेर्सनल मामले मे दखल देता है/ सादी नही हुए तो कोई तेरे कन बे के पिच्छे तो नही पड रहा / कई सालो से तेरे कॉमेंट देख रहा हु / सिर्फ पागलो बलि हरकत, जाई चन्द बलि नीति, चमचा गिरि / लगता पिछले जनम मे टू कुत्ता था / बे ही हरकत है / देश के बारे मे सोच / जन लोक पाल ला, भ्रस्तरचार मिटा आसाम मे दंगा क्यो हो रहे है . चीन सीमा पर क्यो घुसा आ रहा है / सोनिया लूट लूट कहा जमा कर रही है मेरा नाम फोर्ब्स मे क्यो नही/ पाकिस्तान को ढंका, अफजल गुरु ओर कसाब के बारे मे बोल जिससे लोग तेरे को कुत्ते से शेर काहे; ताक झहांक् मे कुछ नही रखा क्यो बच्चो की जिन्दि खराब कर रहा है लोग तेरे को प्रधान मंत्री के पड पर देखना चाहते है / इस तरह के बयान देकर भबिस्या खराब कर रहा है / मन मोहन सिंह के बाद दिग विजय सिंह का नंबर है/ क्योकि हो तो दोनो सिंहही / सर्वे से पता चला है सोनिया किपसंद पेहले सिंह दूसरी पसंद ख़ान है /

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Shankar, Chennai का कहना है :
02/11/2012 at 10:40 AM
मोदी जी की शादी हूवी है या नही इससे जनता को कोई फर्क नही पड़ता नही उन्होने किसी आम जनता का पैसा किसी औरत के पीछे लगाया, लेकिन कोई अगर जनता का 50 करोड़ खर्चा करके अदरक चूसेगा तो जनता का घुस्सा जायज है.
 

 

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Durga, Vikas Nagar का कहना है :
02/11/2012 at 10:06 AM
दिग्गी राजा बातो के धनी कुटिल राजनेतिक कांग्रेस के बफादार अपनी बे मतलब की बातो से लोगो को गुमराह करना जनता की ताली बटोरना उनकी खूबी है, जनता साबधान् खाली बातो से पेट नही भरता..............
 

 

(1) Sonali Arya

गाँधी के पोरबन्दर से कांग्रेस सांसद विठ्ल भाई भारत के दुसरे ऐसे सांसद है जिनके खिलाफ सबसे ज्यादा क्रिमिनल केस दर्ज है |

पहले नम्बर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के पलामू से सांसद कमलेश्वर बैठा है जिनके खिलाफ 46 क्रिमिनल केस है |

दुसरे नम्बर पर ...

गाँधी के गुजरात और गाँधी के जन्मभूमि पोरबन्दर से कांग्रेस के सांसद विठ्ठल राडडीया है जिनके खिलाफ 41 क्रिमिनल केस दर्ज है | और ६० दुसरे केस दर्ज है |

आज तो गाँधी जी आत्मा ख़ुशी मना रही होगी क्योकि गाँधी के नाम का मार्केटिंग का ठेका लेने वाले नीच कांग्रेस ने सबसे बड़े अपराधी को ही उनके जन्मस्थान से सांसद बनाया |

सुनने में ये भी आ रहा है की गुजरात के लेवुआ पटेल वोटो को अपने तरफ करने के लिए कांग्रेस इस क्रिमिनल सांसद को केन्द्रीय केबिनेट में लेने पर भी विचार कर रही है क्योकि गुजरात कांग्रेस ने इनका नाम केंद्र को मंत्री बनाने के लिए भेजा है |




Serious IPC Sections Number of Times they appear for Radadia :-
*****************************************************
395 2
324 1
304 1
Total 4

Details of Criminal Cases
********************
Cases where accused

Serial No. IPC Sections Applicable Other Details / Other Acts / Sections Applicable
1 322, 323, 501, 506(2) FIR NO: 22/91,Dated: 1-2-91 at the Jamkondarna PS Dist Rajkot, Case is pending in the Dhoraji Magistrate Court (Judicial Magistrate First Class since 26-4-91

2 114 Criminal intimidation,Death threats
3 323, 324 , 504, 506(2) FIR NO 123/91, Dated : 21-9-91 at the Jamkandorna PS District : Rajkot

4 189 Threating public servant on duty,criminal minilation death threats and Astrocities Act A-1(10),case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court First Class Since 1-4-94
5 504, 506(2) FIR NO : 111/92, Dated : 4-11-92 at the Jamkandorna PS District Rajkot, criminal minilation criminal assoult.Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class since 20-11-92
6 188, FIR NO : 3030/2000 dated : 16-9-2000 at the Jamkandorna PS District : Rajkot, disturbing public servant on duty and Bombay Public Act section 33(1), (2), (33),case pending at Dhoraji Magistrate’s Court Judicial Magistrate First Class since 27-9-2002,
7 189, 504, 506(2) FIR NO : 3058/98, Dated: 15-6-98 at Dhoraji PS District : Rajkot, disturbing public servant injury,criminal minilation death threats case pending at Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class since 3-1-99
8 394, 332, 186, 143, 147, 395, 397, 144, 504, 506(2) FIR NO : 95/2000, Dated : 6-5-2000 at Dhoraji PS District Rajkot,stealing power worth rs 1,81,300 and threating to kill some one,robbery,dacoity,rioting, criminal assault of public servant on duty,death threats Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class since 3-8-2000
9 394, 332, 186, 143, 147, 395, 397, 144, 504, 506(2) FIR NO : 97/2000,dated: 6-5-2000 at Dhoraji police station district: Rajkot,Looting electric meters worth rs 1,54,000/-, robbery, dacoity, rioting, criminal assult at public servant on duty,death threats,Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class since 3-8-2000
10 188 FIR NO : 3018/98, Dated: 21-2-1998 under Bombay Police Act 135 , disoveying public servant on duty.Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class since 23-4-98
11 188 FIR NO : 3019/98, dated : 21-2-1998 under Bombay Police Act 135,Disoveying public servant on duty ,Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class since 23-4-98
12 332, 143, 149, 504, 341 FIR NO : 57/02,Date: 25-1-02 at Police Station ,Rajkot City,herrest public servant on duty wrongful statement,Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class Rajkot City since 10-3-2002
13 186, 387, 504, 506(2) FIR NO : 742/02,Dated: 23-11-2000 at Police station,Rajkot City
14 188,114 To damage public property and death threats etc.Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class Rajkot City since 10-3-2002
15 186, 304, 477, 114 FIR NO : 223/2000 dated : 17-4-2000 at police station Rajkot city , Threats assult of senior government officers destriction of evidence,Case is pending in the Dhoraji Magistrate’s Court,Judicial Magistrate First class Rajkot City since 4-7-2000
16 504, 506(2) FIR NO : 3194//05 dated : 26-05-2005 at Dhoraji Police Station District: Rajkot
17 188, Arms Act 30 Criminal intimidation,death tiea,case pending before Judicial Magistrate’s Court Dhoraji since 22-02-06
18 504, 506(2) FIR NO : 9704/05 Dated: 28-12-2004 at Dhoraji Police Station District Rajkot City
19 135 B.P.A (criminal intimidation,death threats case pending before Judicial Magistrate’s Court Dhoraji since-22-07-05
20 143, 147, 149, 186, 188 FIR NO : 1-555/08 at 04-12-08 at Rajkot City praduman nagar police station,Demage to public property etc,caase is pending before Chief Judicial Magistrate’s Rajkot, Court No 4, since 19-01-2009

Sunday, October 28, 2012

इलेक्शन कमीशन या फिर कॉंग्रेस का ही मीशन !

इलेक्शन कमीशन या फिर कॉंग्रेस का ही मीशन !

पेड न्यूज के दोषी अमर उजाला और जी-न्यूज को को सम्मानित किया है इलेक्शन कमीशन ने ! जैसा तरह कॉंग्रेस का मीशन रहा है की हर घोटाले बाज की पदोन्नति कर देते है ! तब अब ये चुनाव आयोग भी ऐसे महाभियोग से बच नहीं पाया !

लोकसभा चुनाव के दौरान पेड न्यूज का कोराबार करने के दोषी करार दिये गये अमर उजाला को अब देश का इलेक्शन कमीशन लोकतंत्र को मजबूत करनेवाली पत्रकारिता के पुरस्कार से पुरस्कृत करेगा. वह भी ऐसे वक्त में जब एक तरफ पेड न्यूज पर नजर रखने के लिए नयी गाइडलाइन तैयार की जा रही हैं वहीं प्रेस परिषद द्वारा दोषी करार दिये गये अखबार को जनता को जागरुक के लिए पुरस्कृत किया  है.

इलेक्शन कमीशन ने इसी साल 23 जनवरी को घोषणा किया था कि हर साल मतदाता दिवस पर वह ऐसे समाचार माध्यमों या संस्थाओं को पुरस्कृत करेगा जो मतदाताओं को जागरूक करने का काम करते हैं. यह पुरस्कार मतदाता जागरूकता दिवस 23 जनवरी को दिया जाएगा.  इस साल चुनाव आयोग ने जिन दो मीडिया घरानों को यह पुरस्कार देने के लिए चुना उसमें एक जी न्यूज है तो दूसरा अमर उजाला है. इन दोनों को यह पुरस्कार उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान की गई रिपोर्टिंग के लिए पुरस्कृत किया जाएगा.

चुनाव आयोग ने अपना ही साल दो साल पुराना रिकार्ड चेक नहीं किया जब इसी अमर उजाला के खिलाफ चुनाव आयोग में भी शिकायत की गई थी कि उसने लोकसभा चुनाव के दौरान 2009 में एक उम्मीदवार से खबर छापने के लिए पैसे की मांग की थी. उस वक्त योगेन्द्र कुमार नामक एक प्रत्याशी ने चुनाव आयोग और प्रेस परिषद से दो अखबारों की शिकायत थी. इसमें एक दैनिक जागरण था और दूसरा अमर उजाला. उस उम्मीदवार की शिकायत पर प्रेस परिषद ने जांच की और फैसला भी सुनाया था. प्रेस परिषद ने अमर उजाला को पेड न्यूज का दोषी पाया था. अब उसी अमर उजाला को चुनाव आयोग इस बात के लिए पुरस्कृत कर रहा है, कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को जागरुक करने के लिए इस अखबार ने बेहतरीन काम किया है.

और जी-न्यूज भी आज खुद नवीन जीदाल के रीवर्स स्टींग से आरोपो के घेरे मे है ! अब तक लगता था की सिर्फ टीवी चेनल ही बीके न्यूझ देते है ! लेकिन मेरा एक साल पहले का एक गुजराती लेख , सार्थक होता दिख रहा है की यह चेनल का दूषण अब प्रिंट मीडिया मे भी घुस गया है ! अब बात ये सोचनेवाली है की गुजरात मे जिस तरह आर्थिक हेर फेर को आचार संहिता के दायरे मे ला कर जिस तरह सामान्य व्यापारी गण और आम इंसान को परेशान कर रहा है तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल लाजमी है ! अभी पीछले हफ्ते ही एक सोनी व्यापारी की एक किलो चांदी आचार समहीता के नाम पर जप्त कर ली थी ! गुजरात मे इतनी समृद्धता है की ज़्यादातर व्यापारी के जेब से ही 2-3 लाख यूही निकल जाएँगे ! तो 2 लाख की रकम की हेरफेर को आचार संहिता के दायरे मे ला कर आखिर चुनाव आयोग गुजरात और गेर कोंग्रेसी राज्यो मे ही क्यूँ इतनी सख्ती से पेश आ रहा है ! क्या इसमे भी कोई पैड आयोग का मामला है ?

सवाल यह है कि ऐसे वक्त में जब चुनाव आयोग खुद पेड न्यूज को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइन बना रहा है तब दागदार छवि वाले अखबारों को पुरस्कार करके वह कौन सी परंपरा कायम करना चाह रहा है?

Tuesday, October 23, 2012

अंतिम व निर्णायक विजय नरेन्द्र भाई मोदी की होती है। न्यायालय से लेकर राजनीतिक तक यह सबकुछ साबित हो चुका हैं।

अंतिम व निर्णायक विजय नरेन्द्र भाई मोदी की होती है। न्यायालय से लेकर राजनीतिक तक यह सबकुछ साबित हो चुका हैं।

नरेन्द्र भाई मोदी की हर क्रिया, हर प्रतिक्रिया बड़ी खबर बनती है, राजनीति को हिलाती, डुलाती है झकझोरती है, समर्थक संवर्ग को झुलाती है तो विरोधी संवर्ग को संशकित करती है।उनकी हर क्रिया और हर प्रतिक्रिया पर समर्थक और विरोधी सेनाओं के बीच तलवारें खींच जाती हैं। अभी तक का निष्कर्ष भी देख लीजिये। हर क्रिया-हर प्रतिक्रिया पर समर्थक व विरोधियों के बीच उठने वाले राजनीतिक वेग पर अंतिम व निर्णायक विजय नरेन्द्र भाई मोदी की होती है। न्यायालय से लेकर राजनीतिक तक यह सबकुछ साबित हो चुका हैं। नरेन्द्र भाई मोदी का संघ प्रमुख मोहन भागवत से नागपुर में मिलना भी कैसे नहीं बड़ी खबर बनती?

नरेन्द्र भाई मोदी का मोहन भागवत से मिलना स्वाभाविक तौर पर बड़ी खबर बनी है। खबर का निष्कर्ष यह है कि नरेन्द्र मोदी पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर उभरे हैं और उन्होंने यह संदेश देने में कामयाबी हासिल की है कि उनके साथ पूरी तरह से संघ खड़ा है। संघ की नाराजगी का कोई आधार है। बहुत दिनों से नरेन्द्र भाई मोदी की कथित स्वेच्छाचारिता व तानाशाही प्रवृति की काफी चर्चा हो रही थी और प्रचारित यह था कि उनकी स्वेच्छाचारिता व तानाशाही प्रवृति के कारण संघ में नाराजगी  है और केशु भाई पटेल संघ की इसी नाराजगी की उपज हैं। संध की नाराजगी नरेन्द्र भाई मोदी के लिए गुजरात चुनावों में भारी पड़ सकती है।  संजय जोशी जैसे घोर विरोधियों की गुजरात में सक्रियता और केशु भाई पटेल के समर्थक संवर्ग की पीठ थपथपाने की राजनीतिक प्रक्रिया भी एक अहम सवाल था।

क्यास की धारा क्या होनी चाहिए? निष्कर्ष की कसौटी क्या होनी चाहिए? अभी तक क्यास और निष्कर्ष की धारा व कसौटी तो यही है कि नरेन्द्र भाई मोदी का मिशन 2014 पर संघ परिवार की अप्रत्यक्ष मुहर लग गयी है और प्रधानमंत्री पद के लिए नरेन्द्र भाई मोदी संघ के निर्णायक पंसद होंगे? भीड़ चर्चा से अलग होकर चाकचौबंद व स्वतंत्र आकलन खुशफहमी से परे है। अभी न तो नरेन्द्र भाई मोदी का मिशन 2014 आगे बढ़ा है और न ही संघ ने उन्हें 2014 के लोकसभा चुनावों में संघ ने नरेन्द्र भाई मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित कराने का कोई आश्वासन या सर्टिफिकेट दिया है। संघ की नाराजगी भी एक विचारण का उमदा विषय है। संघ खुद अपनी भूमिका और परमपरा को लेकर अंदर ही अंदर काफी उतेजित भी था और मजबूर भी था। उतेजित होने के बाद भी संघ मजबूर क्यों था? इसका सर्वश्रेष्ठ जवाब यह है कि नरेन्द्र भाई मोदी अपनी राजनीतिक भूमिका और क्रियाशीलता से हिन्दू हितों का सर्वश्रेष्ठ प्रतीक बन गये हैं। हिन्दू हितों के सर्वश्रेष्ठ प्रतीक के खिलाफ संघ की अभिव्यक्ति का सीधा अर्थ न केवल संघ के हिन्दुत्व के प्रति समर्पण पर सवाल उठता बल्कि गुजरात में नरेन्द्र भाई के विरोधियों का पक्ष ही मजबूत होता। संदेश यह भी जाता कि नरेन्द्र भाई मोदी को संध ही गुजरात में हराना चाहता है। पिछले गंुजरात विधान सभा चुनाव में संघ पूरी तरह से नरेन्द्र मोदी के खिलाफ खड़ा था। प्रवीण तगोड़िया ने मोदी को हराने के लिए बयान तक दिये थे फिर भी संघ ने प्रवीण तगोड़िया के खिलाफ कोई नोटिस नहीं लिया था।

हमारा आकलन यह है कि संघ की अहम की ही संतुष्टि हुई है। संध और नरेन्द्र भाई मोदी की मुलाकात न तो अचानक हुई है और न ही यह सिर्फ औपचारिक मुलाकत भर थी। संघ की पूरी सर्चोच्च टीम नरेन्द्र भाई मोदी की खबर लेने और राजनीतिक विसात पर अपनी अहम की संतुष्टि निर्णायक तौर पर सिद्ध करने के लिए बैठी थी। नरेन्द्र भाई मोदी के बयान पर गौर कीजिये। नरेन्द्र भाई मोदी के बयान थे कि उनकी मोहन भागवत, भैया जी जोशी, सुरेश सोनी से साढे तीन घंटे की बात हुई है। जानना यह जरूरी है कि मोहन भागवत, भैया जी जोशी और सुरेश सोनी संघ की सर्वोच्च शिखर पुरूष हैं। नरेन्द्र मोदी और संघ के बीच वार्ता में सिर्फ मोहन भागवत, भैया जी जोशी और सुरेश सोनी ही शामिल नहीं थे बल्कि संघ के अन्य विचारक और छत्रप भी थे। संघ में एक तबका ऐसा भी है जो मोदी विरोधी है और नरेन्द्र भाई मोदी के खिलाफ राजनीतिक सक्रियता को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष हवा भी देते हैं। जहां तक नरेन्द्र मोदी का पक्ष का सवाल है तो उनकी संघ से इच्छा कई राजनीतिक सक्रियताओं के प्रबंधन को लेकर है। नरेन्द्र भाई मोदी ने संघ के अंदर अपने उन विरोधियों को लगाम लगाने के लिए गुहार लगायी होगी जो उन्हें काफी समय से परेशान कर रहे हैं। गुजरात विधान सभा चुनाव में संघ की सकरात्मक भूमिका चाही होगी। संघ भी अब यह कह सकता है और अहसास करा सकता है कि नरेन्द भाई मोदी उनकी परिधि से बाहर नहीं है और न ही नरेन्द्र भाई मोदी की स्वैच्छाचारिता व तानाशाही प्रवृति से संघ आक्रांत है।

स्वाभाविक लक्ष्य क्या है? नरेन्द्र भाई मोदी की शख्सियत को जानने-समझने वाले और पूर्वाग्रह से परे लोग को मालूम है कि नरेन्द्र मोदी कच्चे राजनीतिक खिलाड़ी नहीं है, उनका लक्ष्य चाकचौबंद होता है,वे  भविष्य में नहीं बल्कि वे वर्तमान में जीते हैं। वर्तमान की राजनीति चुनौतियों से जुझते हैं, संघर्ष करते हैं और विजय भी हासिल करते हैं। मूल से कटना उन्हे गंवरा नहीं है। मूल से कटने का अर्थ कितना घातक होता है, यह सर्वविदित ही नहीं बल्कि निर्णायक तौर पर सिद्ध सिद्धांत है। नरेन्द्र भाई मोदी का मूल क्या है? नरेन्द्र भाई मोदी का मूल गुजरात है। गुजरात से जैसे ही कटे वे वैसे ही राजनीतिक धरातल उनकी हिल जायेगी। अभी मूल को मजबूत करने और फिर से कामयाबी हासिल करने का समय है। यानी गुजरात विधान सभा चुनाव पर पूरी दृष्टि गडाने और ध्यान केन्द्रित करने की है। गुजरात विधान सभा चुनाव में उनकी जीत ही आगे की राह तय करेगी। हम यह मानने हैं कि गुजरात में नरेन्द्र भाई मोदी ने विकास के जो अलग जगाये हैं वह सपने सरीखा है। विकास की कामयाबी विरोधी राजनीतिक शक्तियां भी मानती है, प्रत्यक्ष रूप से भी और अप्रत्यक्ष रूप में भी। इतना ही नहीं बल्कि उनकी कामयाबी सात समुंद्र पार कर गयी। अमेरिका-यूरोप नरेन्द्र मोदी की कामयाबी का यशोगान कर रहे है। ब्रिटेन ने नरेन्द्र भाई मोदी के प्रति अपना रवैया बदल लिया है और नरेन्द्र भाई मोदी के साथ नये संबधों की शुरूआत की है। अमेरिका भी नरेन्द्र भाई मोदी के प्रति के प्रति अपनी नीति पर विचार करने के लिए तैयार हो रहा है।

लेकतांत्रिक जीवन और व्यवस्था में हमनें बहुत सारी विसंगतियां भी देेखी है। कभी-कभार यह देखा गया है कि विकास के बावजुद सरकारें दुबारा जनादेश हासिल नहीं कर पाती हैं। लोकतांत्रिक चुनावों में सिर्फ विकास और स्वच्छ-नैतिक प्रशासन ही जीत के गारंटी नहीं होते हैं। लाकतांत्रिक चुनावों मे कई कारक ऐसे होते हैं जो लोकतांत्रिक चुनाव परिणामों को प्रभावित करते हैं। जैसे क्षेत्रवाद, जातिवाद, वंशवाद, मजहब वाद की राजनीतिक संस्कृतियां चुनाव परिणामों को प्रभावित करती हैं। नरेन्द्र भाई मोदी क्षेत्र, जाति, गोत्र की राजनीति से अलग हैं। उनकी राजनीति का आधार सिर्फ हिन्दुत्व है। पर उनके सामने जातिवाद की चुनौती भी खड़ी है। केशु भाई पटेल ने जाति के आधार पर ही अपनी चुनावी ताल ठोकी है। केशु भाई पटेल कुर्मी जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं। गुजरात में कुर्मियों की संख्या और वर्चस्व भी एक समय निर्णायक था। नरेन्द्र भाई मोदी के उदय के बाद कुर्मी वर्चस्ववादी राजनीति निसहाय हुई है।

यह मानने में हर्ज नहीं है कि नरेन्द्र भाई की मिशन 2014 आगे बढ़ा है। अगर वे प्रधानमंत्री के उम्मीदवार घोषित होंगे तो उसमें संघ की ही मर्जी होगी। भाजपा में कई ऐसे नेता हैं जो हवाहवाई तो हैं पर वे अति महात्वांकाक्षा से ग्रसित हैं और प्रधानमंत्री के उम्मीदवार अपने आप को घोषित कराना चाहते हैं।

 

एक आखरी आशा मोदी जी के गुजरात का नागरिक - जुगल पटेल [ईगुरु]║█║▌

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Thursday, October 18, 2012

▐ जरूर पढे= घोटालो का विज्ञान Φ क्या है ये 2जी ? Spectrum? GSM? GPRS? 3G? और लागू कानून

Jugal Ȩguru
▐ 2जी मामले मे - मन्मोहन ने सलाह ना मानी और हुआ 35000 करोड़ का नुकशान ! आज जेपीसी के 2जी घोटाले पर बैठक मे उपस्थित रहे चन्द्रशेखर ने कीया खुलासा ! उनके कहे अनुसार मनमोहन को 2008 के मुताबित 2जी - स्पेक्ट्रम की नीलामी करनी चाहिए थी ! वो नहीं हुई इस लिए 35000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा - देश के खजाने को ! ▐╘ Read & Learn – Knowledge क्या है ये 2जी ? Spectrum? GSM? GPRS? 3G?╘
दोस्तो ! आज पूरा देश 2जी-...3जी-4जी- और जीजाजी को हर रोज सुनता पधता आया है ! वैसे भी मे एक स्केमोपेडीया [ घोटालो का सामान्य ज्ञान कोश ] बनाने की सोच ही रहा हूँ ! अब कॉंग्रेस ने किए ही ऐसे हाई टेक कांड की आम आदमी तो सिर्फ शब्द जानता है और कुछ नहीं ...! तो जानिए आज समय है और सबसे बड़ी बात मूड है तो जरा --▐ -विस्तार से पढ़िये क्या है ये 2जी घोटाला ?
Φ हमारे सारे वायरलेस संपर्क के साधन - जैसे की मोबाइल फोन - पूलिस/ मिलिटरी वायरलेस/ एएम और एफ़एम रेडीयो वो सब ध्वनि की तरंगो पे चलते है जिसको Hz हर्त्झ मे नापा जाता है ! जिसे फ्रीक्वंसी [आंदोलन] कहा जाता है !














Φ लो फ़्रिक्वंसी - मिडडियम फ़्रिक्वंसी - हाई Frequency जैसे 3 मुख्य विभागो मे उसे विभाजित किया जाता है जो एक वैश्विक मानक है ! इसके लिए पूरी दुनिया मे हर वायरलेस तकनीक के साधन की बनावट और कार्य के एक निश्चित स्टांडर्ड यानि के मानक होते है !
Band name Abbreviation ITU band Frequency
and
wavelength in air
Example uses
Tremendously low frequency TLF
< 3 Hz
> 100,000 km
Natural and man-made electromagnetic noise
Extremely low frequency ELF
3–30 Hz
100,000 km – 10,000 km
Communication with submarines
Super low frequency SLF
30–300 Hz
10,000 km – 1000 km
Communication with submarines
Ultra low frequency ULF
300–3000 Hz
1000 km – 100 km
Submarine communication, Communication within mines
Very low frequency VLF 4 3–30 kHz
100 km – 10 km
Navigation, time signals, submarine communication, wireless heart rate monitors, geophysics
Low frequency LF 5 30–300 kHz
10 km – 1 km
Navigation, time signals, AM longwave broadcasting (Europe and parts of Asia), RFID, amateur radio
Medium frequency MF 6 300–3000 kHz
1 km – 100 m
AM (medium-wave) broadcasts, amateur radio, avalanche beacons
High frequency HF 7 3–30 MHz
100 m – 10 m
Shortwave broadcasts, citizens' band radio, amateur radio and over-the-horizon aviation communications, RFID, Over-the-horizon radar, Automatic link establishment (ALE) / Near Vertical Incidence Skywave (NVIS) radio communications, Marine and mobile radio telephony
Very high frequency VHF 8 30–300 MHz
10 m – 1 m
FM, television broadcasts and line-of-sight ground-to-aircraft and aircraft-to-aircraft communications. Land Mobile and Maritime Mobile communications, amateur radio, weather radio
Ultra high frequency UHF 9 300–3000 MHz
1 m – 100 mm
Television broadcasts, microwave ovens, microwave devices/communications, radio astronomy, mobile phones, wireless LAN, Bluetooth, ZigBee, GPS and two-way radios such as Land Mobile, FRS and GMRS radios, amateur radio
Super high frequency SHF 10 3–30 GHz
100 mm – 10 mm
Radio astronomy, microwave devices/communications, wireless LAN, most modern radars, communications satellites, satellite television broadcasting, DBS, amateur radio
Extremely high frequency EHF 11 30–300 GHz
10 mm – 1 mm
Radio astronomy, high-frequency microwave radio relay, microwave remote sensing, amateur radio, directed-energy weapon, millimeter wave scanner
Terahertz or Tremendously high frequency THz or THF 12 300–3,000 GHz
1 mm – 100 μm
Terahertz imaging – a potential replacement for X-rays in some medical applications, ultrafast molecular dynamics, condensed-matter physics, terahertz time-domain spectroscopy, terahertz computing/communications, sub-mm remote sensing, amateur radio

Φ इसके लिए 'फ्रीक्वंसी को नापे जाने वाला अलग अलग विभाग, और कार्य के लिए स्टांडरडाइझ और हर देश की अपनी सरकार द्वारा नियमित और वितरीत किया जाता है ! तो उस 'फ्रीक्वंसी के पटल' यानि के बेन्ड को कहते है - स्पेक्ट्रम - !
  • ITU = International Telecommunication Union

Table of ITU Radio Bands
Band Number Symbols Frequency Range Wavelength Range
4 VLF 3 to 30 kHz 10 to 100 km
5 LF 30 to 300 kHz 1 to 10 km
6 MF 300 to 3000 kHz 100 to 1000 m
7 HF 3 to 30 MHz 10 to 100 m
8 VHF 30 to 300 MHz 1 to 10 m
9 UHF 300 to 3000 MHz 10 to 100 cm
10 SHF 3 to 30 GHz 1 to 10 cm
11 EHF 30 to 300 GHz 1 to 10 mm
12 THF 300 to 3000  GHz 0.1 to 1 mm


Φ और मोबाइल की सर्व प्रथम तकनीक जिसे फर्स्ट जनरेशन कहा जाता था उसे 1जी कहते थे जिसमे GSM [ Global Standard for Mobile communication ] कहा जाता था ! जिसमे सिर्फ कॉल और एसएमएस ही भेजे जा शकते थे ! इन्टरनेट सुविधा बहुत ही कम स्पीड पे चलती थी - 16 से 48 Kbps ! वह एक अलग Frequency पे कार्यरत थी !
Φ उसके बाद नई जनरेशन आई जो 2जी या ने की सेकंड जनरेशन नाम से जाना गया ! जो GPRS [General Packet Radio Service] को सपोर्ट करता था ! और अलग फ्रीकवनसि पे काम करता था ! क्यूंकी एक ही फ्रीकवनसि पे अलग - अलग साधन काम करे और उसकी पहुँच एक दूसरे को क्रॉस करती हो तो खलल पैदा होता है ! GPRS की स्पीड 96 से ले के 160 Kbps तक की होती है ! जिसमे आप कॉल और एसएमएस मे सीमित ना रहकर इन्टरनेट और एमएमएस आदि सेवाओ का उपयोग कर शकते है !
Φ अभी 2.5जी जिसे भी 2जी ही गीना जाता है ऐसा EDGE [ Enhance Datarate for GSM Enabled device ] Network भी कार्यरत है - जो 2.5 जी सपोर्ट से आपको 176 से लेके 320 Kbps तक की स्पीड देता है !

तो हो गया ! आपका स्पेक्ट्रम और 2जी - तो बन गया 2जी स्पेक्ट्रम !

Φ पूरे देश मे हर प्रकार की Frequency [कम अंतर संपर्क छोड़ कर -वोकीटोकी] सरकार के आधीन होती है ! और अपना रेडियो स्टेशन से लेके आप मोबाइल कंपनी के लिए सरकार के पास रजिस्ट्रेशन करवा के अपनी मन चाहिए Frequency बेन्ड ले शकते है !

Φ तो ए राजा तकनीक मे भी राजा थे , तो मंद मोहन को पता भी नहीं चला और इतना बड़ा घोटाला किया ! बाजार भाव से कम कीमत पर जैसे हर चीज के लाइसन्स और निविदा दी जाती है , इसी तरह इसके लाइसन्स भी मनमानी फर्जी कंपनिया बनाकर पहले तो उनको लाइसन्स दे दिये ! [ इसमे से 4 कंपनियो के दफ़तर मलेशिया की एक ही बिलडिंग और एक ही माले के एड्रेस वाले थे - सबूत सुबरमणियम जी की साइट पे है ]

Φ फिर उनही कंपनीयों ने उन सब Frequency के लाइसन्स और अधिकार अन्य जो वास्तव मे टेलीकोंम कंपनिया है उन कंपनियो को दे कर कई गुना रकम कमाई ! सुब्रमण्यम जी का यह कहना बिलकुल सच है की - चिंदंबरम के बेटे की भी कंपनी थी - जो रातो रात बना दी गई और उसको 2जी का लाइसन्स मीला और विदेशी कंपनी को बेच दीया उसके दस्तावेज़ आज भी सुब्रमण्यम जी की साइट पे देखे जा शकते है !

Φ इस घोटाले का सबसे बड़ा नुकशान उठा रहे है मूज जैसे आईटी से संबन्धित लोग और कंपनिया जिनहे आज पैसे दे कर भी हाई स्पीड इन्टरनेट नहीं मील रहा ! 2जी घोटाले के बाहर आने के बाद 3जी इन्टरनेट के दाम भी 3 गुना बढ़ गए ! क्यूँ की सुप्रीम ने जिन कंपनियो को दंड किया था उसके पैसे आखिर जनता से ही तो वसूल करने थे टेलिकॉम कंपनियो को ! आज दुनिया 4जी से आगे निकल चुकी है और हमारा देश अभी भी 10 साल पुरानी तकनीक और माध्यम के लिए उतने ही पैसे चुका रहा है जीतने खर्च मे वो आधुनिकतम तकनीक उपयोग मे ले शकते है ! अगर आज पूरे देश मे तकनीक और आईटी का अगर कोई सबसे ज्यादा ज्ञान और उसको विकास के हथियार बनाकर भारत को ऊपर लाने की क्षमता एक तो मोदी सर के पास है और दूसरी सुब्रमण्यम स्वामी जी के पास !

Φ पता नहीं भारत कब गंवारपन छोड़े और कूए के बहार की दुनिया भी देखे ! आज दुनिया हर सेकंड बदल रही है ! ज्ञान ही सर्वोपरि है ! गुजरात मे आईटी और ई-गवर्नन्स से ही मोदी जी ने अपना सारा कामकाज पारदर्शी करने का सपना देखा है ! अब तक 60% काम हो चुका है , क्यूँ की टेबल के नीचे की कमाई कोम्प्यूटर के आंकड़ो की वजह से बंद होती जा रही देखकर - गुजरात की पंचायत से ले कर पूलिस तक के कर्मचारियो ने क्या-क्या भाने निकाले थे वो मे अच्छी तरह जानता हूँ ! लेकिन मोदी सर ने एक भी बहाना नहीं चलाने दिया और

Φ आज गुजरात मे कई किसान और आम इंसान अपनी जमीन और जिंदगी से जुड़े सारे दस्तावेज़ कभी भी कहीं भी ....एक भी पैसा दिये बगैर या सलाम मारे बगैर घर बैठे पा शकते है ! यह प्रोजेक्ट अब भी पूर्ण विकसित नहीं है !
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▐ इस घोटाले का सबसे बड़ा नुकशान मेरे उस प्रोजेक्ट के सपने को हुआ की जिसमे हर कोई - माँ-बाप बेटा -दादा अपने घर पे, अपने वक्त पे, अपने मोबाइल और कंप्यूटर, को इन्टरनेट से जोड़ के गुजराती और हिन्दी भाषा मे तमाम आईटी की समाज, ज्ञान , उपयोग, जानकारी और रोजगारी के इन्टरनेशनल कोर्स - 20 प्रतिशत बाजार कीमत पर कर शकते है ! क्यूँ की अगर आज इन्टरनेट स्पीडी होता और 3जी अगर 2जी के भाव मे मिलता तो उन सबकी लाइव क्लास भी वो मोबाइल पे मेरे साथ कोन्फ़र्न्स कर के अटेण्ड कर शकते है ! और मेरे 12 साल से 3 बड़े नाम वाले आईटी इंस्टीट्यूट के अनुभव- विद्यार्थी हीतों की अवहेलना और नॉलेज के बदले सिर्फ कागजी सर्टिफिकेट देखे है..... उस आधार पर आसान शब्दो और उदाहरणो मे संमजाए गए  सारे कोर्स माइक्रोसॉफ्ट और सिस्को जैसी कंपनियो के इन्टरनेशनल सर्टीफिकेट कोर्ष  है ! जिसे पाने वाले के लिए दुनिया के हर देश के रास्ते खुल जाते है !

▐ पढ़िये गुजराती मे शॉर्ट एंड स्वीट - सीधा समजने मे हिट - [ कोम्प्यूटर का एडवांस बेजीक - जो शर्त है कोर्ष करने वाले भी नहीं जानते होंगे इतनी सारी जानकारी - क्लीक करे -https://docs.google.com/ open?id=0B3gQBJdOKri1dzZWeFdwcF JVSWs

▐ जो कोई मेरे प्रोजेक्ट के बारे मे जानना चाहता है ! और इन्वेस्ट कर के या जुड़ कर कमाई के साथ सेवा करना चाहता है गुजरात और देश की .....तो जाने क्या है ये ईगुरु का प्रोजेक्ट - हिन्दी मे - क्लिक करे - https://docs.google.com/ open?id=0B3gQBJdOKri1MnZKeVMzOV Awb3M


एक आखरी आशा मोदी जी के गुजरात का नागरिक - जुगल पटेल [ईगुरु]║█║▌

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Tuesday, October 16, 2012

असली मौत के सौदागर कौन है कांग्रेस है या बीजेपी I

 झूठे सेक्युलारिस्म के लिए कई निर्दोशो को बलि का बकरा बना दिया-असली मौत के सौदागर कौन है कांग्रेस है या बीजेपी I

IF MODI SIR IS CULPRIT......WHOLE CONGRESS CULPRIT....!
4000 MURDERS....In 1984......પૂછે ગુજરાત..?? આપો જવાબ અમને અને ગુજરાત ને?
१९८४ के बारे में बात करते है I जहा पर इंदिरा गांधीजी के हत्यारे शीख होने के कारन बेवजह डेल्ही के हजारो शीखो...
को मौत के घाट उतारा I इतना तो सही है लेकिन उसको जनता का रोष जताकर ठन्डे बसते में डालने की बात कांग्रेस कर रही है I और उनके जिम्मेदार नेता आज केंद्र में है I जिनको कोई सजा नहीं होगी I
कांग्रेस ही सही तौर पर भारत में असली कम्युनल पार्टी है जो दंगे फैलाती है I गुजरात में कांग्रेस के शाशन के दौरान कई दंगे हुए है I जिसमे कई हिन्दू मारे गए है और कई घर उजाड़ दिए गए थे I आज पश्चिम अहमदाबाद में बसने वाले किसी भी लोगो से पुचो आपको एक ही जवाब मिलेगा की क्प्नग्रेस के शाशन में कई दंगे हुए है और कई हिन्दू मरे गए है I
Photo: IF MODI SIR IS CULPRIT......WHOLE CONGRESS CULPRIT....! 4000 MURDERS....In 1984......પૂછે ગુજરાત..?? આપો જવાબ અમને અને ગુજરાત ને? अब १९८४ के बारे में बात करते है I जहा पर इंदिरा गांधीजी के हत्यारे शीख होने के कारन बेवजह डेल्ही के हजारो शीखो को मौत के घाट उतारा I इतना तो सही है लेकिन उसको जनता का रोष जताकर ठन्डे बसते में डालने की बात कांग्रेस कर रही है I और उनके जिम्मेदार नेता आज केंद्र में है I जिनको कोई सजा नहीं होगी I       कांग्रेस ही सही तौर पर भारत में असली कम्युनल पार्टी है जो दंगे फैलाती है I गुजरात में कांग्रेस के शाशन के दौरान कई दंगे हुए है I जिसमे कई हिन्दू मारे गए है और कई घर उजाड़ दिए गए थे I आज पश्चिम अहमदाबाद में बसने वाले किसी भी लोगो से पुचो आपको एक ही जवाब मिलेगा की क्प्नग्रेस के शाशन में कई दंगे हुए है और कई हिन्दू मरे गए है I सच में कांग्रेस का दामन कई निर्दोशो के खून से लाल है I चाहे वोह शीख हो या कोई भी अपने झूठे सेक्युलारिस्म के लिए कई निर्दोशो को बलि का बकरा बना दिया और गाँधी की पार्टी और अहिंसा की पुजारी बता कर सत्ता का सुख ले रही है I बोफोर्स, शीख, भोपाल कांड ऐसे और कई खूंखार खुनी कांड है जो यह साफ़ करता है असली मौत के सौदागर कौन है कांग्रेस है या बीजेपी I         कई नेता कौभांड में शामिल है फिर भी आज भी खुर्शी पे चीपके हुए है I आप की अगुईवाली कई राज्य सरकारों के राज्य में किसान आत्महत्या कर रहा है, पीने को पानी नहीं, बीजली नहीं वैसा हल गुजरात में नहीं I यहाँ पानी एवम लाइट २४ घंटे मौजूद है और किसान भी खुशहाल है I आप ही ने अपने विदेश प्रेम के कारन क्वोत्रोची एवम एंडरसन को देश में से बाइज्जत बरी किया और हो भी क्यों न विदेशी ही तो कांग्रेस को चला रही है I इसलिए विदेश प्रेम जायज है I अंत में किसी और को कुछ कहने से पहले अपने दमन में एक बात जाक लेने चाहिए कही वो दागी तो नहीं अगर है तो पहले उसे साफ़ करना चाहिए बाद में किसी और को बताना चाहिए I इसीलिए १९८४ भोपाल कांड, शीख कांड के बावजूद कांग्रेस बीजेपी को मौतकी सौदागर मानती है तो वोह क्या है ?                   गोधरा में हुए २००२ के दंगो के लिए कांग्रेस एवम अन्य राजनीतिक पक्ष बीजेपी को और खास तौर पर नरेन्द्र मोदी को जिम्मेदार मान रही है I इस दंगो की शुरुआत गोधरा से हुई जहा साबरमती ट्रेन से लौट रहे रामसेवको को कुछ लोगो ने डब्बे में बांध करके जलादिया था I जो उस समय के रेलमंत्री लालू यादव ने कहा की आग अंदर से ही लगे गई थी I               मेरा उनसे एक प्रश्न यह है की कोई भी इन्सान इतना पागल तो नहीं होता की अपने आप को जिन्दा जला डाले I और ऐसे लोगो को जो ठीक से बोल भी नहीं पाते I उस समय वह का मंजर ऐसा था की कोई भी पत्थर दिल इन्सान सहम जाता I जो माजर था वो वाकई में इतना घिनोना था की जब भी उसकी याद आती है आज भी दिल काप उठता है I हमारी केंद्र सरकार को दंगो में मरे जाने वाले मुस्लिमो की चिंता है लेकिन ट्रेन में जो ५८ लोगो को जिन्दा जलाया उनका क्या?               झूठे सेकुलरिस्म के लिए वाकई में ऐसा अन्याय होना यह हम सेहन नहीं सर सकते I दोनों तरफ से लोग कसूरवार है अगर हिन्दू कसूरवार है तो मुस्लिम भी है क्यूंकि उन्होंने ही आग लगायी थी ट्रेन में अगर ट्रेन में आग नहीं लगी होती तो ऐसा नहीं होता I उस समय के गुजरात कांग्रेस नेता शंकरसिंह वाघेला की भी जाच होनी चाहिए क्यूंकि उस समय वोह भी खली भीथे थे और उनके पास चुनाव में कोई मुद्दा नहीं था और आग लगनेवाले में कांग्रेस का स्थानीय कोर्पोराते भी शामिल था I इसलिए गोधरा ट्रेन कांड की निष्पक्ष जांच फिर से होनी चाहिए और जो ट्रेन में जलकर मर गए है उनके परिवार को भी न्याय मिलना चाहिए I और दंगो में कांग्रेस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए I

सच में कांग्रेस का दामन कई निर्दोशो के खून से लाल है I चाहे वोह शीख हो या कोई भी अपने झूठे सेक्युलारिस्म के लिए कई निर्दोशो को बलि का बकरा बना दिया और गाँधी की पार्टी और अहिंसा की पुजारी बता कर सत्ता का सुख ले रही है I बोफोर्स, शीख, भोपाल कांड ऐसे और कई खूंखार खुनी कांड है जो यह साफ़ करता है असली मौत के सौदागर कौन है कांग्रेस है या बीजेपी I
कई नेता कौभांड में शामिल है फिर भी आज भी खुर्शी पे चीपके हुए है I आप की अगुईवाली कई राज्य सरकारों के राज्य में किसान आत्महत्या कर रहा है, पीने को पानी नहीं, बीजली नहीं वैसा हल गुजरात में नहीं I यहाँ पानी एवम लाइट २४ घंटे मौजूद है और किसान भी खुशहाल है I आप ही ने अपने विदेश प्रेम के कारन क्वोत्रोची एवम एंडरसन को देश में से बाइज्जत बरी किया और हो भी क्यों न विदेशी ही तो कांग्रेस को चला रही है I इसलिए विदेश प्रेम जायज है I
अंत में किसी और को कुछ कहने से पहले अपने दमन में एक बात जाक लेने चाहिए कही वो दागी तो नहीं अगर है तो पहले उसे साफ़ करना चाहिए बाद में किसी और को बताना चाहिए I इसीलिए १९८४ भोपाल कांड, शीख कांड के बावजूद कांग्रेस बीजेपी को मौतकी सौदागर मानती है तो वोह क्या है ?
गोधरा में हुए २००२ के दंगो के लिए कांग्रेस एवम अन्य राजनीतिक पक्ष बीजेपी को और खास तौर पर नरेन्द्र मोदी को जिम्मेदार मान रही है I इस दंगो की शुरुआत गोधरा से हुई जहा साबरमती ट्रेन से लौट रहे रामसेवको को कुछ लोगो ने डब्बे में बांध करके जलादिया था I जो उस समय के रेलमंत्री लालू यादव ने कहा की आग अंदर से ही लगे गई थी I
मेरा उनसे एक प्रश्न यह है की कोई भी इन्सान इतना पागल तो नहीं होता की अपने आप को जिन्दा जला डाले I और ऐसे लोगो को जो ठीक से बोल भी नहीं पाते I उस समय वह का मंजर ऐसा था की कोई भी पत्थर दिल इन्सान सहम जाता I जो माजर था वो वाकई में इतना घिनोना था की जब भी उसकी याद आती है आज भी दिल काप उठता है I हमारी केंद्र सरकार को दंगो में मरे जाने वाले मुस्लिमो की चिंता है लेकिन ट्रेन में जो ५८ लोगो को जिन्दा जलाया उनका क्या?
झूठे सेकुलरिस्म के लिए वाकई में ऐसा अन्याय होना यह हम सेहन नहीं सर सकते I दोनों तरफ से लोग कसूरवार है अगर हिन्दू कसूरवार है तो मुस्लिम भी है क्यूंकि उन्होंने ही आग लगायी थी ट्रेन में अगर ट्रेन में आग नहीं लगी होती तो ऐसा नहीं होता I उस समय के गुजरात कांग्रेस नेता शंकरसिंह वाघेला की भी जाच होनी चाहिए क्यूंकि उस समय वोह भी खली भीथे थे और उनके पास चुनाव में कोई मुद्दा नहीं था और आग लगनेवाले में कांग्रेस का स्थानीय कोर्पोराते भी शामिल था I इसलिए गोधरा ट्रेन कांड की निष्पक्ष जांच फिर से होनी चाहिए और जो ट्रेन में जलकर मर गए है उनके परिवार को भी न्याय मिलना चाहिए I और दंगो में कांग्रेस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए I
आईना सच का ! सोचो या फोड़ो ! सच तो सच रहेगा !

 

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