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Friday, November 9, 2012

▐ An Open Letter to IAC - ▐ - ईगुरु के कुछ विनम्र सवाल



An Open Letter to IAC - - ईगुर के कुछ विनम्र सवाल ...! 

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टिम आईएसी ,
और जमिनी सतह पर आवाज उठाके -- पुलिस के अत्याचार और बदतमीजी  का भोग बननेवाली उनकी टिम के युवा भाई बहन ! 
मे आपके देश के लिए आक्रोश और जज़बातो की दिल से कदर करता हूँ ! और जिस तरह आप सब इस दिशा मे सोच के लिए जागृत हुए उस जज्बे को सलाम करता हूँ ! जब देश का युवा पार्टी - पब - गर्लफ्रेंड - क्रिकेट और खान वॉर मे व्यस्त है , तब आप सब बाकी के युवाओ के जाम चुके ठंडे खून को , गरम करने की और प्रवाहित करने की कोशिश कर रहे हो , वह कदम प्रशांशनीय है , ये मूजे इस लिए लिखना पड़ रहा है की मेरे फेसबुक परीवार जो मेरी ताकत और हिम्मत है उसमे से मेरे एक दोस्त ने मेरी कल की अपडेट पे -- आहट हुए है ॥! तो दिल पर ले गई इस ठेस कितनी योग्य है , उस बारे मे मेरी जानकारी उनके साथ तो बांटनी ही थी तो सोचा क्यूँ ना आप के साथ भी बाँट लू !!
टीम केजरीवालका दावा है कि भारत के मौजूदा सभी राजनीतिक दल भ्रष्ट हैं इसलिए उनकी टीम अब खुद ही राजनीतिक विकल्प पेश कर भ्रष्टाचार को नेस्तानाबूद करेगी। इस मे कोई दो राय नहीं  कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण आवश्यक है, पर क्या भ्रष्टाचार का खात्मा करने में आपा की टीम केजरीवालसमर्थ है?© Official Jugal Eguru™ Share IF YOU LOVE INDIA PLZ SAVE INDIA....!
कुछ मुद्दे जिससे मूजे देश पे खतरा महसूस हो रहा है -- और देश की जनता मीडिया के मायाजाल मे आसानी से देश द्रोही ताकतों के हाथ मे, और बात मे, आके गुमराह हो रही है ॥!  आपके सिर्फ एक मात्र और पहले खुलासे के बाद आप का दुरुपयोग एक पार्टि और विदेशी ताकते  कर रही है ! और ये किसी और की नजर मे ना आया हो लेकिन मेरी नजर मे है !
Φ खुद को एक पोलिटिकल पार्टी मे कन्वर्ट कर देने के बाद लोकपाल की जगह जिस तरह आप इस देश मे राजनीति की जमीन तलाश रहे है वो कितनी योग्य है ? अब आप खुद एक पार्टी है , तो इस तरह भय - अराजकता - अविश्वास और आतंक का वातावरण इस देश मे फैला देना , आप कितने जिम्मेदार है देश के प्रति ? और आम आदमी के प्रति? और सबसे बड़ी बात और उन सब बच्चो और किशोरों , एवं युवा के मन मे असर कर रहे है इस दिशा मे कभी चिंतन किया है ! इतिहास गवाह है की ऐसे ही वातवर्ण मे हर देश गृह युद्धा और कट्टरवाद का शिकार हो कर बर्बाद हुआ है !
Φ अफवाह सुनी  है कि केजरीवाल कबीरनामक जिस एनजीओ से जुड़े हैं उसे अमेरिका के फोर्ड फाउंडेशन से सन् 2005 में 1,72000 अमेरिकी डॉलर तथा 2009 में 1,17,000 अमेरिकी डॉलर की रकम चंदे के तौर पर प्राप्त हुई है। तमाम राजनीतिक दल केजरीवाल के अभियान को अमेरिकी और यूरोपीय संस्थाओं द्वारा पोषित होने का आरोप लगाते रहे हैं। ब्रिक (ब्राजील, रूस, चीन और भारत) समूह द्वारा 2010 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक से हटकर अपने समूह की नई बैंक गठित करने की घोषणा के बाद इन देशों में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छिड़े।
परिणामस्वरूप चारों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर चोट लगी, चारों देशों की मुद्रा का अवमूल्यन हुआ और चारों देशों में राजनीतिक वर्ग के खिलाफ अविश्वास का माहौल बना। फोर्ड फाउंडेशनका इतिहास रहा है कि वह अमेरिकी हितों के लिए काम करने वाली संस्थाओं और व्यक्तिओं को प्रायोजित करती है।
जब 2011 में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने जनलोकपाल के लिए समिति बनाई थी तब  आप सब लोकपाल पद पर नियुक्ति के लिए पात्र व्यक्तियों के मापदंड में मैगासेस पुरस्कार प्राप्त व्यकित का आग्रह रख रहे थे - ऐसा क्यूँ ? क्या आम आदमी मैगासेस के पुरष्कार के सन्मान से नवाज आज्ञा है .....जिस आम आदमी की टोपी आप अब नाम बादल कर आप के सर पे दिखती रहती है ? क्या लोकपाल का पद किसे देना है वो विदेशी कंपनिया और एनजीओ तय करेंगे ? और लोकपाल अगर किसी एक सरकार से या सिर्फ राज्य सरकार के विकास मे रोड़े अटकाने के लिए बनाया गया है तो ? [ जरा जांच ले गूज़ सरकार के सुप्रीम कोर्ट मे लोकपाल मुद्दे मे जीत – गुजा सरकार को लोकपाल से कभी माना नहीं किया था ! कॉंग्रेस के एजंट लोकपाल नहीं चाहिये था ये गुजरात कॉंग्रेस भी जानती है लेकिन जनता के अज्ञान का दुरुपयोग तो नेहरू वंश की परंपरा है ] --- जो एकबार राज्यपाल के रूप मे बुरे अनुभवो से जान चुके थे ! और ये सब गुजरात और देश की जनता कितना जानती है ? गुजरात सरकार पे आरोप लगाने वाले आप ये बताए के कॉंग्रेस राज्यो मे कितने लोकपाल है ? और बिना लोकपाल के 10 साल का लेखा जोखा आप कर ले की कितनी भ्रष्ट है गुजरात सरकार !
केजरीवाल, किरण बेदी और अण्णा हजारे लोकपाल पद पर नियुक्ति के लिए पात्र व्यक्तियों के मापदंड में मैगासेस पुरस्कार प्राप्त व्यकित का आग्रह रख रहे थे। याद रहे-ध्यान रहे ये सब मैगासेस पुरस्कार से नवाजे चुके हैं। आम आदमीये नहीं जानता और आईएसी समर्थक और वर्कर्स भी ऐसा क्यूँ ? !! और जब ये कमेन्ट मीने आपके आईएसी के एफ़बी पेज पे दिया था तो उस एडमिन ने भी लाइक कर के समर्थन दीया था क्यूँ ? मैगासेस पुरस्कार का एक प्रमुख प्रायोजक फोर्ड फाउंडेशनहै।© Official Jugal Eguru™ Share IF YOU LOVE INDIA PLZ SAVE INDIA....!

आप सब जो हर राजनीतिक दल और संस्था से पारदर्शिता की अपेक्षा करते हैं, पर आपकी संस्था को दान देने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों की सूची आज दिन तक कबीरसंस्था की बेवसाइट पर क्यों उपलब्ध नहीं है? अमेरिका से संचालित एक एनजीओ है आवाज। इस एनजीओ ने लीबिया, ट्यूनीशिया, इजिप्त और सीरिया के सत्ताविरोधी आंदोलन की फंडिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से नेटवर्किंग और प्रचार किया। आवाजके रिकी पटेल और केजरीवाल ने संबंधों के बारे में बीते डेढ़ वर्षों में जब भी सवाल पूछा गया तो उसका जवाब मेरे ईमेल मे अब तक क्यूँ नहीं आया ? और मेरा वो आईडी अब बंद क्यूँ है ? egtech4u@gmail.com ---Please Search mail BOX !
आप जब देश के सरकारी सेवा में रहते हुए अमेरिकी संस्था से अपने एनजीओ के लिए दान प्राप्त करते हैं ।! तो क्या कुछ कानूनी अड़चणे नहीं आई थी आप को ? देखिये मे तो आम-आदमी हूँ - ज्यादा नहीं जानता ! मेरा काम है आईटी सिक्यूरिटी - हेकिंग - और नेटवर्क पढ़ाना ! इस लिए आन्तराष्ट्रीय सारी जगह पे ना चाहु तो भी ज्ञान के नशे मे खुद को नहीं रोक पाता ! उसके लिए माफी ! तो कानून शायद आप के प्रशांत भूषण मुजसे तो करोड़ो गुना जानते होंगे , मे तो आम-आदमी हूँ !
आपने सिर्फ एक मात्र प्रामाणिक अनशन के दौरान के दौरान आईएसी ने  लगभग 20 करोड़ रुपए चंदे के तौर पर जमा किए। तो मैंने अफवाह सुनी है की इस लिए आप की टिम अन्न मे कहा सुनि हुई और आपकी टिम अन्ना टिम केजरीवाल मे बादल गई ! तो आप मी जैसे आम-आदमी के खास नेता , जमा राशि का 10 फीसदी हिस्सा लेकर अण्णा हजारे को लुभाने पहुंचे जिसे स्वीकारने से अण्णा ने साफ मना कर दिया क्यूँ ? © Official Jugal Eguru™ Share IF YOU LOVE INDIA PLZ SAVE INDIA....!
अन्ना ने अपना नाम और तस्वीर का उपयोग करने से माना करने के बावजूद आप ने उनकी तस्वीरों इस्तेमाल क्यूँ किया जब आप की टिम अन्ना का तीसरी बार नाम कारण हो कर आम आदमी हो गया था ?
  आप के हाथ कोयला दलाली से भले ही न काले हों पर आपका दामन कहीं से भी पाक-साफ नहीं होने की अफवाहे क्यूँ फ़ेल रही है , इकोनॉमिक्स और विदेश के जानकार बुद्धि जीवी ओ मे ? रहा निवृत्त न्यायाधीशों से जांच कराने का ढोंग तो तमाम सरकारों बीते 65 वर्षों में ऐसी हजारों समितियां नियुक्त कर भ्रष्टाचारियों को क्लीनचिटदिलाती रही हैं। ऐसे में आपकी की भावी पार्टी भ्रष्टाचार से मुक्त होगी यह सोचना भी एक प्रकार का बौद्धिक भ्रष्टाचार होगा।
पूरी दुनिया की  स्थिति यही है कि अमेरिका-यूरोप के विकसित देश हों या अफ्रीका-एशिया के विकासशील देश, हर नया शासक पिछले शासकों के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करता हुआ सत्ता संभालता है और पहले  जितना ही या फिर उससे भी कहीं अधिक भ्रष्टाचार स्वयं कर दिखाता है।
चलो दुनिया की छोड़े , हमारा भारत तो हम दोनों और कई लाखो देश भक्तो से भरा पड़ा है , भारत मे  तो 1977 की जनता पार्टी सरकार इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के भ्रष्टाचार की जांच से शुरू हुई थी और जनता के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के पुत्र कांति देसाई के भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ गई !!?© Official Jugal Eguru™ Share IF YOU LOVE INDIA PLZ SAVE INDIA....!
बिहार से जेडीयू के एक बहुत बड़े नेता जिनहोने अभी आदर्श रखा अपनी अधिकार रेली मे , जेपी (जय प्रकाश नारायणद्ध और वीपी (विश्वनाथ प्रताप सिंह) के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों के टिम के सभय रहे जैसे आज आपके आसपास है आज के भ्रष्टाचार के कीचड़ से भरे मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव जैसे लोग रहे हैं। वीपी सिंह, चंद्रशेखर, देवेगौड़ा और गुजराल की समाजवादी सरकारें कहीं से भी कांग्रेस सरकारों से कम भ्रष्ट नहीं थी।इस देश ने एक ही बार मौका दिया था - लेकिन पूर्ण रूप से नहीं , इस लिए मजबूरन गठबंधन से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार आई थी। उसे भी भ्रष्ट जयललिता के कंधे पर चढ़कर आना पड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप झेलते हुए जाना पड़ा। © Official Jugal Eguru™ Share IF YOU LOVE INDIA PLZ SAVE INDIA....!
▐ ऐसा क्यूँ हुआ की आपके हर आरोप नकारे जाने के बाद आप बार बार अचानक एक जगह से दुसर जगह जगह बदलते है .... और समय ऐसा ही क्यूँ होता है जब कोई और महत्वपूर्ण बात देश मे चल रही होती है ? जैसे की रॉबर्ट वाडरा के खुलासे के बाद जब आपके अलावा और भी मुद्दे निकालने लगे तो आप की दिशा खुरशीद के एनजीओ की तरफ चली गयी ? और वो भी क्यूँ अधूरा छोड़ा ! और अगर इसपे आपका ये तर्क है की करोड़ो लूटने तो ठीक है लेकिन गरीब - जरूरत मंद विकलांग लोगो की ज्यादा महत्वपूर्णता है ..... तो दूसरा सवाल इतना सब करने के बाद आपकी फोर्ड फाउंडेशन अगर इतना ही चाहती है भारत को , तो उस मे से एक भी विकलांग को फोर्ड ने या आपने कोई सुविधा क्यूँ उपल्ब्धा नहीं कराई ? अगर कोई एनजीओ और विदेशी कंपनी अच्छे काम करना चाहती है , भारत के प्रति अहोभाव स्से , तो आपके जैसी हजारो कंपनिया और एनजीओ काम कर रहे है पूरी दुनिया मे उन्होने तो कभी कोई लोकपाल और पार्टी बनाने की मांग नहीं की ? तो फिर आपकी फोर्ड फाउंडेशन क्यूँ अपने सर्टिफाइड लोकपाल इस देश के लोक तंत्र पे थोपना चाहती है ??
▐ ऐसा क्यूँ हुआ की आपके एक भी आरोपो का कोई सुखद अंत नहीं और , सुब्रमण्यम स्वामी ने पहले दिन आरोप लगाया और दूसरे दिन बहस हुई और तीसरे दिन कबुल भी कर लिया आरोपी ने , तो उनके सबूत और पेपर्स और आपके सबूत और पेपर्स या आपको प्रेरित करने वाले लोग क्या ये सब नहीं रखते ? की अदा लत और मानहानि की धमकी के बाद जब अदालत जाने का वक्त आता है , तब काबुल कर लेता है ?

कांग्रेस का इतिहास पं. जवाहरलाल नेहरू के सरकार में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छेड़ने वाले दामाद फिरोज गांधी से शुरू होकर भ्रष्टाचारी दामाद रॉबर्ट वड्रा तक पहुंचा है। ऐसे में क्या भ्रष्टाचार हमारी व्यवस्था को लगा लाइलाज रोग मान लिया जाए? कौटिल्य ने ईसा पूर्व लिखे अपने अर्थशास्त्रमें राजा को सावधान किया है कि जिस भी अधिकारी के हाथ से होकर राजा की दौलत गुजरती है, वह उसमें से थोड़ी-सी खुद भोग लेने का लोभ से खुद को रोक नहीं पाता। इस तरह की चोरी अंततः राजा और राज्य दोनों को गरीब बनाती है! तो गुजरात सरकार पे ये लोग जिनका मूल ही चरित्याहीन और भ्राष्टाचार से शुरू हो के वाट वृक्ष की तरह लहरा रहा है ! वो कहते है ये सब केंद्र की योजनाए है गुजरात सरकार की नहीं है तो कौन सी सरकार अपने ही विस्तार के टेक्स एवं अन्य आमदनी  100% अपने पास रकहती है ...! केंद्र की योजनाए?.... केंद्र किन पैसो से चलता है !! क्या इटली की सरकार देती है ? और कौटिल्य की ईसा पूर्व की बात छोड़िए ! उनकी ही कॉंग्रेस के एक महान नेता, जिनहे भी, आज एक और को बना रहे है , वैसे मार थोक के बना दिया था , उनका कहना था की हमे देस्ख्ना है , की 1 रुपये का सिर्फ 15 पैसा ही जनता के हाथ मे क्यूँ जाता है ! बाकी का कहाँ जाता है उसे हम देखेंगे ! तो इस देखने दिखाने की ही बात करे तो , गुजरात मे दिख रहा है आपको आमंत्रण है ....! की 1 रुपये मे से ......80 पैसे जनता तक जा रहे है ...जो 20% है वो भी जाएँगे --- जैसे ही आपकी चुनाव आयोग --गुजरात के अधिकारो के संपर्क मे आई और एक और सवाल पैदा हो गया जब वो 2 दिन पहले घुस लेते पकड़े गए !! तो आपको ईमानदार लोग क्यूँ नहीं दिखते ? की निष्पक्ष चुनाव हो !! आज के ही दिन की खबर जो खबरों को छिपने - और तोड़ मोड कर बनाने का धंधा कर रही है वो चेनले नहीं दिखाएगी , वह है की गुजरात हाईकोर्ट आप के चुनाव आयोग को ... गुजरात की जनता को परेशान करने से क्यूँ रोकना पड़ा !10-9-12!?
 जयहिंद - जय गुजरात© Official Jugal Eguru™ Share IF YOU LOVE INDIA PLZ SAVE INDIA....!
आप ही के जैसा निडर ---- जो बिना मीडिया के चेलेंज देता है की वक्त बोलना और जगह , अकेला आऊँगा टीवी वालो को कुत्ते की तरह आसपास नहीं घुमाऊंगा !!
आपका /मोदी जी का / और आप से कम लेकिन थोड़ी बहुत जानकारी रखने वाला
जुगल ईगुरु --!! { आ गुजरात सुन मेरी बात --- फिर घूम देश के दूसरे कोने और मिला ले हालत -- देश भक्ति की आड़ मे युवा का दुरुपयोग ना करो .... युवा आप भी ये सोचो खुद के दिमाग का उपयोग करो ---!! दो विकल्प -- मोदी या क्रान्ति !!
 [ इस देश के अर्थतन्त्र पर और रुपये के अवमूल्यन का डेटा लोकपाल आंदोलन  के बाद जरा मिलान करके देखिये और सोचिए ---- की ये सब देश की इज्जत और गरिमा की नीलामी किस तरफ ले जा रही है ??] बिलकुल गुजरात कॉंग्रेस जिस दशा और दिशा मे ले जाने की बात करते है वैसे ही ]
 [ मेरे देश प्रेमी परिवार आज का ये लेटर हाइली कॉपी राइटेड है !! कृपया इस का मेरे नाम और पते के बिना उपयोग ना करे क्यूँ की इससे मैंने खुद को किस तरह खतरे मे डाला है वो मे ही जानता हूँ !]
 

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