Φ अपना विषय खोजे

Monday, May 7, 2012

तुम्हारा चाहने वाला खुदा की दुनिया में

तुम्हारा चाहने वाला खुदा की दुनिया में
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा ना करे 
तुम्हारा चाहने वाला ...

ये बात कैसे गवारा करेगा दिल मेरा
तुम्हारा ज़िक्र किसी और की ज़ुबान पे हो
तुम्हारे हुस्न की तारीफ़ आईना भी करे
तो मैं तुम्हारी क़सम है के तोड़ दूँ उसको
तुम्हारे प्यार तुम्हारी अदा का दीवाना
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा ना करे
तुम्हारा चाहने वाला ...

वो दिन ना आये के मुझसे कभी जुदा होकर
किसी का प्यार दोबारा कहीं तलाश करो
झुका के सर को किसी अजनबी के शानों पर
तुम अपने ग़म का सहारा कहीं तलाश करो
करीब दिल के तुम्हारे किसी भी हालत में
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा ना करे

हसने नहीं देता कभी रोने नहीं देता

हसने नहीं देता कभी रोने नहीं देता
ये दिल तो कोई काम भी होने नहीं देता
तुम मांग रहे हो मेरे दिल से मेरी ख्वाहिश
बच्चा तो कभी अपने खिलोने नहीं देता
में आप उठाता हूँ शब्-ओ-रोज़ की जिल्लत
ये बोझ मेरा दिल किसी को ढोने नहीं देता
वो आज कहा है इससे तो मैं वाकिफ भी नहीं हूँ
जो मुझको kisi or ka hone nahi deta….

चलते-चलते जब भी मैं साँस लेता हूँ.........

चलते-चलते जब भी मैं साँस लेता हूँ.........
इक लम्हा अपनी उम्र का रब को देता हूँ.....!!
मैं तो अपने-आप से अक्सर चौंक जाता हूँ....
मैं अपने-आप को अक्सर ही आवाज़ देता हूँ...!!
मौत भी जब मुझसे मायूस हो लौट जाती है....
ख़ुद ही उसकी चौखट पर मैं आहट देता हूँ...!!
क्यूँ हो जाता है यारब मुझसे बिन-बात खफा
जा ना अपनी उम्र तुझे मैं यूँ ही दान देता हूँ!!
क्यूँ धरती पे ला पटका है मेरी मर्ज़ी के ख़िलाफ़...
वो तो मैं हूँ फिर भी तुझपर अपनी जान देता हूँ...!!
सुनाई देती है मुझे अक्सर उसकी ही धड़कन...
उसको याद करके "गाफिल"जब मैं साँस लेता हूँ...!!